समिति का नेतृत्व समिति का नेतृत्व अध्यक्ष द्वारा किया जाएगा। अध्यक्ष समिति के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु मार्गदर्शन व समन्वय सुनिश्चित करेंगे। अध्यक्ष सभी पदाधिकारियों व सदस्यों के बीच सहयोग और पारदर्शिता बनाए रखेंगे। बैठकों की अध्यक्षता प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे। बैठक का संचालन सुव्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से होगा। चर्चा एवं विचार-विमर्श को समुचित अवसर प्रदान किया जाएगा। निर्णयों पर अंतिम सहमति समिति के निर्णय सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाएंगे। अंतिम सहमति/मंजूरी अध्यक्ष द्वारा दी जाएगी। निर्णयों के अनुपालन की निगरानी भी अध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी।
श्री बाला दत्त शर्मा पूर्व ग्राम प्रधान बरंगल एवं एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने सदैव समाजहित एवं क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दी है। वे जनसेवा, सामाजिक सहयोग एवं विकास कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उपाध्यक्ष , समाजसेवा एवं जनहित के लिए समर्पित व्यक्तित्व उन्होंने ग्रामीण विकास, जनसंपर्क, सामाजिक एकता एवं क्षेत्र के विकास हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज के प्रति उनकी निष्ठा एवं समर्पण उन्हें एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बनाता है। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्यभार संभालना अध्यक्ष की अनुपस्थिति में समिति/संस्थान का संपूर्ण कार्यभार संभालना। बैठकों की अध्यक्षता करना एवं आवश्यक निर्णयों पर सहमति प्रदान करना। प्रशासनिक, वित्तीय एवं जनसंपर्क संबंधी कार्यों का संचालन करना। समिति के कार्यों को सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करना। गतिविधियों में सहयोग समिति की सभी गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों का सहयोग करना। सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाना। सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों को प्रभावी ढंग से संपन्न कराना। क्षेत्रहित एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना।
समिति की प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ बैठकों का आयोजन समिति की नियमित एवं विशेष बैठकों का आयोजन समय-समय पर किया जाएगा। बैठक की सूचना सदस्यों को पूर्व में उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में लिए गए सभी निर्णय सामूहिक सहमति से होंगे। कार्यवाही लेखन प्रत्येक बैठक की कार्यवाही (Minutes of Meeting) लिखित रूप में संधारित की जाएगी। कार्यवाही की प्रति सभी संबंधित सदस्यों को उपलब्ध कराई जाएगी। निर्णयों के अनुपालन की निगरानी अगली बैठक में की जाएगी। प्रशासनिक संचालन समिति के सभी प्रशासनिक कार्य पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित होंगे। दस्तावेज़, अभिलेख और पत्राचार को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रखा जाएगा। प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन अध्यक्ष/सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों की देखरेख में किया जाएगा।
समिति के सुचारू संचालन हेतु आय-व्यय का प्रबंधन, फंड का सुरक्षित रख-रखाव एवं लेखा-जोखा संधारित करना आवश्यक है। इसके अंतर्गत – समिति की प्राप्त सभी आय का विधिवत लेखा रखा जाएगा। व्यय केवल समिति के उद्देश्यों एवं सर्वसम्मति से स्वीकृत कार्यों पर किया जाएगा। सभी आय-व्यय का संपूर्ण विवरण पारदर्शी ढंग से रजिस्टर/खाते में दर्ज किया जाएगा। निर्धारित समय पर ऑडिट/समीक्षा कर सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
1. गतिविधियों का प्रचार-प्रसार समिति की सभी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का व्यापक एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए सूचना-पट्ट, पंपलेट, बैनर, सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार-पत्रों तथा अन्य संचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि समिति की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके तथा जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। 2. जनसंपर्क समिति समाज के सभी वर्गों के साथ सतत संवाद एवं समन्वय बनाए रखेगी। जनता की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को सुनकर उन्हें समिति की कार्ययोजना में सम्मिलित किया जाएगा। क्षेत्रीय स्तर पर अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने हेतु नियमित जनसंपर्क अभियान एवं बैठकें आयोजित की जाएंगी। 3. मीडिया समन्वय समिति के कार्यों, उपलब्धियों एवं गतिविधियों की जानकारी समय-समय पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को उपलब्ध कराई जाएगी। पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों के साथ सहयोगात्मक एवं सकारात्मक संबंध बनाए रखे जाएंगे। समिति की पारदर्शिता, सकारात्मक छवि एवं गतिविधियों की तथ्यात्मक प्रस्तुति सुनिश्चित की जाएगी। 4. संबंधित विभागों से पत्राचार एवं अनुवर्ती कार्यवाही समिति जनहित से जुड़े विषयों एवं समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से नियमित पत्राचार करेगी। आवश्यक विषयों पर लिखित रूप से शिकायत, सुझाव एवं मांग-पत्र प्रेषित किए जाएंगे। साथ ही, उन पर हुई कार्यवाही की निरंतर समीक्षा एवं फॉलोअप लिया जाएगा, ताकि समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
समिति की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का प्रचार-प्रसार करना। सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर एवं अन्य प्रचार माध्यमों का संचालन एवं प्रबंधन करना। समिति की बैठकों एवं कार्यक्रमों की सूचना जनता तक पहुँचाना। फोटो, वीडियो एवं समाचार सामग्री तैयार कर अभिलेखीकरण करना। मीडिया एवं जनसंपर्क से संबंधित कार्यों में समन्वय स्थापित करना। व्यवस्थापक के सहयोग से समिति के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करना। समिति के निर्णयों एवं गतिविधियों की पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना। आवश्यकतानुसार समिति की बैठकों एवं कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग देना।
समिति के समस्त प्रशासनिक एवं संगठनात्मक कार्यों का संचालन करना। समिति की बैठकों का आयोजन एवं निर्णयों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। समिति के सदस्यों के बीच समन्वय एवं अनुशासन बनाए रखना। विकास योजनाओं एवं सामाजिक कार्यक्रमों की निगरानी करना। समिति की आय-व्यय एवं अभिलेखों की देखरेख करना। सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ संपर्क एवं समन्वय स्थापित करना। समिति की प्रगति एवं कार्यों की समीक्षा करना। समिति के उद्देश्यों एवं नियमों के अनुसार सभी कार्यों का संचालन सुनिश्चित करना
श्री त्रिलोक सिंह बेलवाल एक प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता, समर्पित शिक्षक एवं लोकप्रिय जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने सदैव समाजहित और जनकल्याण को अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य माना है। पूर्व ग्राम प्रधान एवं ग्राम प्रधान संगठन स्याल्दे के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याओं के समाधान हेतु उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी कार्य किए हैं। एक शिक्षक के रूप में वे शिक्षा को समाज के समग्र विकास की आधारशिला मानते हैं तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। उनका मानना है कि शिक्षित समाज ही सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। श्री बेलवाल ने विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है, जिनमें प्रमुख रूप से— पूर्व वार्ड सदस्य (2009–2014) क्षेत्र पंचायत सदस्य, बरंगल (2014–2019) ग्राम पंचायत परिसीमन (2019) के दौरान खाल्यों पंचायत के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका अध्यक्ष, व्यापार मंडल नागचुलाखाल (2005–2014) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ शामिल हैं। उन्होंने प्रत्येक पद पर ईमानदारी, निष्ठा एवं सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। विभिन्न समितियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित बड़े-बड़े कार्यक्रमों एवं आयोजनों के सफल संचालन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपनी प्रभावशाली वाणी, नेतृत्व क्षमता एवं उत्कृष्ट जनसंपर्क कौशल के कारण श्री त्रिलोक सिंह बेलवाल को क्षेत्र के एक प्रखर प्रवक्ता एवं जननेता के रूप में विशेष पहचान एवं सम्मान प्राप्त है। आज भी वे अपने अनुभव, सेवाभाव एवं कार्यशैली से युवाओं और समाज को निरंतर प्रेरित कर रहे हैं।
श्री मोहन चन्द्र पोखरियाल,श्री समिति के मार्गदर्शक एवं संरक्षक सुरेंद्र पोखरियाल एक सक्रिय समाजसेवी, जो समाजहित एवं जनकल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। वे सामाजिक एकता, जनसहयोग एवं क्षेत्रीय विकास के लिए सदैव समर्पित रहते हैं। राजेंद्र सिंह रावत ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, मुनानी के रूप में क्षेत्र की समस्याओं एवं विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जनसंपर्क एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मोहन खन्ना एक समर्पित समाजसेवी, जो सामाजिक कार्यों एवं जनकल्याण गतिविधियों में निरंतर सहयोग प्रदान करते हैं। समाज के प्रति उनकी सेवा भावना प्रेरणादायी है। बाला दत्त पांडेय समाजहित एवं क्षेत्रीय विकास के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए समिति को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करते हैं। चंदन सिंह रावत समिति की सामाजिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में सहयोग प्रदान करते हुए क्षेत्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। गोविंद सिंह रावत समिति को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए सामाजिक एकता, जनसहयोग एवं क्षेत्रीय विकास के लिए निरंतर कार्यरत हैं। समिति के प्रति योगदान उपरोक्त सभी सम्मानित व्यक्तित्व समिति को मार्गदर्शन, सहयोग एवं प्रेरणा प्रदान करते हुए समाजहित, जनकल्याण एवं क्षेत्रीय विकास के कार्यों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।